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S A N G R A H A sabtera

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Products that connect self with others through empathy

"Neither I am a just by hand nor a product, neither you can have for money nor price.

You may keep me or gift me to the world, I am a Hope and a Belief.

I become priceless when taken in gratitude, and when given with honor.

I am a promise, I am a means for my creator."

"न मैं सिर्फ हाथ का काम, न मैं एक सामान।

न मैं रॉक से, न मात्रा से।

मोको राख ले पास, मोको बाँट दे संसार में॥

मैं हूँ आस में, मैं तो तेरे विसवास में।

अमोल होये आभार में, होए प्रदान सत्कार में।

मैं तो हूँ वादे में, जनन के आधार में॥”